नाप नाप के भरी है,
थोड़ी थोड़ी फुरफुरी है,
मीठी है, रसभरी है
हाँ तू जिंदगी है...
मैली थी जब मिली थी ,
मैंने आंसुओ से मली थी,
तब साफ़ हुई, अब उजली है
याद है तब से बड़ा सम्हाला है तुझे..
बंद कमरों से निकाला तुझे,
कुछ दिन शाम को घुमाया तुझे,
हाथों से खाना खिलाया तुझे,
मुश्किल है पर भली है..
हाँ तू जिंदगी है ..
थोड़ी थोड़ी फुरफुरी है,
मीठी है, रसभरी है
हाँ तू जिंदगी है...
मैली थी जब मिली थी ,
मैंने आंसुओ से मली थी,
तब साफ़ हुई, अब उजली है
याद है तब से बड़ा सम्हाला है तुझे..
बंद कमरों से निकाला तुझे,
कुछ दिन शाम को घुमाया तुझे,
हाथों से खाना खिलाया तुझे,
मुश्किल है पर भली है..
हाँ तू जिंदगी है ..
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